घोटालो के दौर में, अन्ना की फुफकार |
माल इधर भी भेजिये, मनमोहन सरकार | |
नीति नियम सिद्धांत की, बाते हुई पुराण |
नगद नरायण देवता, बाकी है सब घाण | |
लोकतंत्र के खेल में ,प्रतिपक्षी है लगाम
नीति नियम सिध्दांत मूल्य ,सत्ता के आधार | |
घोटाले की आग में ,झुलस रही सरकार |
सत्ता के इस खेल में ,जनता है लाचार | |
नीति नियम सिद्धांत मूल्य ,जीवन का व्यवहार |
मीठे वचन सद्विचार ,सनातनी उपहार | |
जीवन का आधार जल,सोच समझ कर पीव |
संचित बूंद समुद्र गति ,वीधना की गति जीव | |
बोली का व्यापार कर ,संचित पूंजी होय |
लोग -बाग़ विहसित रहे ,मधुर बचन जो होय | |
VERY GOOD DAOH
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